ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से रेशम विभाग द्वारा रेशम समृद्धि योजना 2026-27 के अंतर्गत मलबरी रेशम उत्पादन को बढ़ावा दिया जा रहा है। योजना के तहत इच्छुक किसानों की एक एकड़ सिंचित निजी भूमि पर शहतूत (मलबरी) पौधारोपण कर रेशम कृमिपालन अपनाने के लिए ऑनलाइन पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
योजना के तहत कम से कम एक एकड़ सिंचित निजी भूमि वाले किसान मलबरी रेशम उत्पादन से जुड़ सकते हैं। रेशम विभाग द्वारा चयनित किसानों को समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं आवश्यक सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।
मलबरी रेशम कृमिपालन को किसानों के लिए अतिरिक्त एवं नियमित आय का एक वैकल्पिक साधन बताया गया है। विभाग के अनुसार किसान पारंपरिक कृषि के साथ रेशम उत्पादन को अपनाकर अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं तथा आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।
इच्छुक किसान रेशम विभाग के ई-रेशम पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। किसान स्वयं अथवा नजदीकी कियोस्क या इंटरनेट सुविधा के माध्यम से पंजीयन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं।
योजना की पात्रता, पंजीयन प्रक्रिया एवं तकनीकी जानकारी के लिए किसान संबंधित रेशम विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। विभाग ने जिले के इच्छुक किसानों से योजना का लाभ लेने और मलबरी रेशम उत्पादन से जुड़ने की अपील की है।