ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भूमिहीन ग्रामीणों एवं महिलाओं को स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार का अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से रेशम विभाग द्वारा टसर रेशम वान्या रेशम उत्पादन स्वरोजगार योजना 2026-27 संचालित की जा रही है। योजना के तहत पात्र ग्रामीणों एवं महिलाओं से ऑफलाइन पंजीयन के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।

योजना के अंतर्गत शासकीय रेशम केंद्रों एवं वन क्षेत्रों में उपलब्ध टसर रेशम के प्रमुख खाद्य पौधों साज एवं अर्जुन की पत्तियों पर रेशम कृमियों का पालन कर टसर कोसा उत्पादन किया जाता है। रेशम केंद्रों के आसपास के ग्रामों में रहने वाले भूमिहीन ग्रामीणों एवं महिलाओं को योजना से जोड़कर प्रत्येक लाभार्थी को एक हेक्टेयर क्षेत्र में एक प्लॉट उपलब्ध कराया जाता है। इससे उन्हें अपने ही गांव के आसपास स्वरोजगार एवं आय का साधन मिल सकेगा।

खास बातें

  • योजना के तहत एक हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 2 हजार पौधों पर 200 टसर स्वस्थ समूहों का पालन किया जा सकता है।
  • विभाग के अनुसार टसर कोसा उत्पादन के माध्यम से लाभार्थी प्रत्येक फसल में लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं।
  • प्रवर्तक श्री निवास सिंह चौहान 9584357106 से संपर्क किया जा सकता है।

योजना के तहत एक हेक्टेयर क्षेत्र में लगभग 2 हजार पौधों पर 200 टसर स्वस्थ समूहों का पालन किया जा सकता है। विभाग के अनुसार टसर कोसा उत्पादन के माध्यम से लाभार्थी प्रत्येक फसल में लगभग 15 से 20 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं। योजना से जुड़ने वाले लाभार्थियों को रेशम विभाग द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

वर्तमान में टसर कृमिपालन की द्वितीय फसल का कार्य प्रगतिरत है और इसके लिए पंजीयन प्रक्रिया प्रारंभ है। इच्छुक भूमिहीन ग्रामीणजन एवं महिलाएं योजना से संबंधित जानकारी, पात्रता एवं पंजीयन प्रक्रिया के लिए सहायक संचालक रेशम कार्यालय शहडोल अथवा नजदीकी टसर रेशम केंद्र लोहझर, जिला सीधी से संपर्क कर सकते हैं। प्रवर्तक श्री निवास सिंह चौहान 9584357106 से संपर्क किया जा सकता है।

रेशम विभाग ने जिले के पात्र ग्रामीणों एवं महिलाओं से योजना का लाभ उठाने की अपील की है, ताकि स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ उनकी आय में वृद्धि की जा सके।