सीधी विकासखंड के ग्राम बेंदुआ निवासी श्रीमती सिब्बू साहू ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर अपनी आजीविका को नई दिशा दी है। वर्ष 2020 में ज्योति स्व-सहायता समूह से जुड़ने से पहले वे मुख्य रूप से खेती पर निर्भर थीं और आर्थिक कठिनाइयों का सामना कर रही थीं।

समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आरएफ की राशि से आर्थिक सहयोग मिला, जिसका उपयोग उन्होंने किराना दुकान शुरू करने में किया। धीरे-धीरे उन्होंने किराना व्यवसाय के साथ आटा चक्की एवं तेल मिल का काम भी शुरू कर दिया।

समूह के माध्यम से सीसीएल की 2 लाख रुपये की राशि तथा व्यक्तिगत उद्यम के लिए बैंक से 5 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई। सिब्बू साहू ने इन राशि का उपयोग अपने व्यवसाय के विस्तार में किया। कारोबार बढ़ने के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हुई और उन्होंने समूह की सीसीएल राशि वापस कर दी।

सिब्बू साहू बताती हैं कि स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई और समाज में पहचान बनी। समूह की नियमित बैठकों से उन्हें नई जानकारियां मिलती रहीं, जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

वे कहती हैं कि महिलाओं को अपनी क्षमता के अनुरूप अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी अलग पहचान बना सकें।