मध्यप्रदेश शासन उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार शासकीय महाविद्यालय मड़वास में मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान के अंतर्गत नशा मुक्ति एवं तनाव प्रबंधन विषय पर दो दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय के मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के नेतृत्व में किया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करने के साथ वर्तमान प्रतिस्पर्धात्मक दौर में मानसिक तनाव से बचाव के उपायों की जानकारी देना रहा। प्रथम दिवस के प्रथम सत्र में कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर, शिकरा शिव झारिया ने कहा कि नशा व्यक्ति के शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करने के साथ परिवार और समाज पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालता है। सुरेंद्र शुक्ला ने गीतों के माध्यम से विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।

द्वितीय सत्र में तनाव प्रबंधन पर चर्चा हुई। मानसिक स्वास्थ्य सलाहकार शिव झारिया ने बताया कि परीक्षा का तनाव, भविष्य की चिंता तथा मोबाइल का अत्यधिक उपयोग मानसिक अशांति के प्रमुख कारणों में शामिल हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को योग, ध्यान, प्राणायाम, सकारात्मक सोच, समय प्रबंधन तथा रुचि के कार्यों में सहभागिता को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए और तनाव से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका समाधान किया गया।

द्वितीय दिवस विद्यार्थियों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई गई। विद्यार्थियों ने स्वयं नशे से दूर रहने तथा समाज को भी नशे से मुक्त करने के लिए प्रयास करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉ. दीपक अग्निहोत्री ने किया। आभार प्रदर्शन डॉ. ज्योति रजक ने किया। इस अवसर पर तेज प्रकाश कुशवाहा, डॉ. राजेश पटेल, डॉ. सुरेंद्र गुप्ता, डॉ. निशा सिंह, मनीषा कुमावत, प्रवीण कुमार, बाबा हरिनंद सहित प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।