भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा जारी परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स (PGI) रिपोर्ट में सीधी जिले ने लगातार दूसरे वर्ष मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है। जिले ने निर्धारित 600 में से 333 अंक प्राप्त किए हैं।
इस उपलब्धि की सराहना 21 सितम्बर को भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासन अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO), जिला परियोजना समन्वयकों (DPC), अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयकों (ADPC) एवं प्रोग्रामर्स के प्रशिक्षण कार्यक्रम में की गई। कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव, संचालक, अपर परियोजना संचालक तथा यूनिसेफ के अधिकारियों की उपस्थिति में सीधी जिले की उपलब्धि का उल्लेख किया गया।
खास बातें
- एपीसी रमसा डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स जिलों में स्कूली शिक्षा व्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन करने वाला राष्ट्रीय सूचकांक है।
- वर्तमान पीजीआई ढांचे में 70 इंडिकेटर्स और कुल 600 अंक निर्धारित हैं।
- वर्ष 2024-25 में भी सीधी जिला मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था और वर्ष 2025-26 में 333 अंक के साथ जिले ने यह उपलब्धि बरकरार रखी है।
छह प्रमुख क्षेत्रों में हुआ मूल्यांकन
एपीसी रमसा डॉ. सुजीत कुमार मिश्रा ने बताया कि परफॉर्मेंस ग्रेडिंग इंडेक्स जिलों में स्कूली शिक्षा व्यवस्था के प्रदर्शन का आकलन करने वाला राष्ट्रीय सूचकांक है। वर्तमान पीजीआई ढांचे में 70 इंडिकेटर्स और कुल 600 अंक निर्धारित हैं। जिले का मूल्यांकन मुख्यतः छह प्रमुख क्षेत्रों में किया गया, जिनमें विद्यार्थियों के सीखने के परिणाम, कक्षा शिक्षण की प्रभावशीलता, अधोसंरचना एवं विद्यार्थी सुविधाएं, विद्यालय सुरक्षा एवं बाल संरक्षण, डिजिटल शिक्षा तथा प्रशासन एवं प्रबंधन प्रक्रियाएं शामिल हैं।
वर्ष 2024-25 में भी सीधी जिला मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा था और वर्ष 2025-26 में 333 अंक के साथ जिले ने यह उपलब्धि बरकरार रखी है।
सीधी की यह उपलब्धि जिले में शिक्षण गुणवत्ता सुधार, अधोसंरचना विकास, डिजिटल शिक्षा, विद्यार्थी सुविधाओं तथा प्रशासनिक प्रक्रियाओं को बेहतर बनाने के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों को रेखांकित करती है।

