उच्च शिक्षा विभाग मध्यप्रदेश शासन के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस संजय गांधी स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय सीधी में जेंडर सेंसिटाइजेशन एवं डिजिटल लिटरेसी अवेयरनेस कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं महाविद्यालयीन स्टाफ में लैंगिक समानता, संवेदनशीलता तथा डिजिटल तकनीक के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान लैंगिक समानता, महिलाओं के अधिकार, कार्यस्थल पर लैंगिक उत्पीड़न की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा डिजिटल साक्षरता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।

खास बातें

  • विद्यार्थियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियां बरतने तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया।
  • कार्यक्रम में डॉ. दिलीप कुमार सोनी, डॉ. गंगा देवी बैरागी एवं डॉ. आकांक्षा मिश्रा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
  • कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने लैंगिक समानता, पारस्परिक सम्मान तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।

महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. प्रभाकर सिंह ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान समय में जेंडर संवेदनशीलता और डिजिटल साक्षरता विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास के महत्वपूर्ण आयाम हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से समानता, सम्मान और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

विभागाध्यक्ष, सूचना प्रौद्योगिकी डॉ. अरविंद त्रिपाठी ने साइबर अपराधों के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय सावधानी नहीं बरतने पर कोई भी व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया।

कार्यक्रम प्रभारी डॉ. अरुणा सिंह ठाकुर ने कार्यक्रम के उद्देश्यों एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रतिभागियों को जेंडर संवेदनशीलता और डिजिटल जागरूकता के विभिन्न पहलुओं की जानकारी दी।

कार्यक्रम में डॉ. दिलीप कुमार सोनी, डॉ. गंगा देवी बैरागी एवं डॉ. आकांक्षा मिश्रा सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों ने लैंगिक समानता, पारस्परिक सम्मान तथा सुरक्षित एवं जिम्मेदार डिजिटल व्यवहार को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।