पासपोर्ट बनवाने में होने वाली देरी, पुलिस वेरिफिकेशन में अटकने वाले मामलों और आम नागरिकों की शिकायतों को कम करने के लिए क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय भोपाल, पुलिस मुख्यालय भोपाल एवं रीवा पुलिस के संयुक्त तत्वाधान में स्थानीय माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविधालय रीवा कैम्पस रीवा एवं शहडोल संभाग के थानों एवं जिला विशेष शाखा में पासपोर्ट का काम करने वाले पुलिसकर्मियों के लि ए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।
जिसमें पासपोर्ट पुलिस वेरिफिकेशन में आ रही समस्याओं एवं उनके समाधान के संबंध में जानकारी दी गई। इस कार्यशाला में 100 से अधिक पुलिसकर्मी शामिल हुए। इस कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रुप में गौरव राजपूत पुलिस महानिरीक्षक रीवा जोन रीवा द्वारा संबोधित किया गया एवं प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
खास बातें
- सही जानकारी देने पर 24 घंटे में पुलिस वेरिफिकेशन हो जाता है।
- पासपोर्ट आवेदन में आपराधिक प्रकरण एवं कोर्ट से हुऐ निर्णय बारे में भी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
- आवेदन भरने के उपरांत आवेदक को कम से कम एक बार आवेदन में भरी गई सभी जानकारी को पासपोर्ट आवेदन की फीस भरने के पूर्व अच्छी तरह से जांच लेना चाहिए।
कार्यशाला में प्रमुख रुप से श्री गुरकरन सिंह पुलिस अधीक्षक रीवा, भावना मरावी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रीवा, अमित मिश्रा ओ.एस.डी आर.पी.ओ भोपाल, जयपाल सिंह वरिष्ठ अधीक्षक आर.पी.ओ भोपाल, निरी. शिवानी सिंह प्रभारी जिला पासपोर्ट सेल उपस्थित रहे। मंच संचालन निरी. हितेन्द्रनाथ शर्मा थाना प्रभारी विश्वविधालय रीवा द्वारा किया गया।
इस कार्यशाला में शितांशु चौरसिया क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मध्यप्रदेश, रश्मि मिश्रा सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कानून व्यवस्था) मध्यप्रदेश, श्रीमती सविता रावत पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ग्वालियर द्वारा ऑनलाईन संबोधित किया गया एवं इसके अतिरिक्त रीवा/शहडोल संभाग के पुलिस अधीक्षक भी ऑनलाईन व्ही.सी के माध्यम से जुड़ें।
कार्यशाला में जयपाल सिंह वरिष्ठ अधीक्षक आर.पी.ओ भोपाल द्वारा अवगत कराया गया कि पासपोर्ट आवेदन करते समय पता लिखनें में हुई एक छोटी सी गलती आपका पासपोर्ट आवेदन लबें समय के लिऐ पेंडिग करवा सकती है। सही जानकारी देने पर 24 घंटे में पुलिस वेरिफिकेशन हो जाता है। पासपोर्ट आवेदन में आपराधिक प्रकरण एवं कोर्ट से हुऐ निर्णय बारे में भी स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए।
आवेदन भरने के उपरांत आवेदक को कम से कम एक बार आवेदन में भरी गई सभी जानकारी को पासपोर्ट आवेदन की फीस भरने के पूर्व अच्छी तरह से जांच लेना चाहिए। सभी जानकारी सही होने के उपरांत भी पासपोर्ट आवेदन की फीस जमा कर अपाइंटमेंट बुक करना चाहिए। ऐसा नही होने से पासपोर्ट आवेदकों के लिए असुविधाजनक स्थिति निर्मित होती है।
कार्यशाला को ऑनलाईन व्ही.सी के माध्यम से शितांशु चौरसिया क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी मध्यप्रदेश द्वारा संबोधित किया गया एवं पासपोर्ट सत्यापन के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां प्रशिक्षुओं को दी गई साथ ही समय सीमा के अंदर पासपोर्ट प्रकरणों का निराकरण किये जाने हेतु प्रशिक्षुओं को मार्गदर्शन प्रदान किया गया।
कार्यशाला को ऑनलाईन व्ही.सी के माध्यम से सहायक पुलिस महानिरीक्षक रश्मि मिश्रा द्वारा इस बाबत प्रशिक्षण प्रदान किया गया कि पासपोर्ट सत्यापन के दौरान किन-किन बातों को विशेष रुप से ध्यान रखना चाहि ए, जिससे किसी अपात्र एवं आ पराधिक मामलों में फरार या लंबित अपराधिक मामलों वाले व्यक्ति का पासपोर्ट न बन पाए।
इनके द्वारा केस स्टडी के माध्यम से सरल तरीके से पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षित किया गया कि आ पराधिक किस्म के व्यक्ति पासपोर्ट बनवाने के लिऐ किस-किस प्रकार की जालसाजी एवं तरकीबें इस्तेमाल करते एवं एवं ऐसी जालसाजी को कैसे पुलिस सत्यापन के दौरान पकड़ा जा सकता है।
इस कार्यशाला में श्रीमती सविता रावत एस.पी एस.टी.एफ ग्वालियर द्वारा इस बात का भी प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों को दिया गया कि किस प्रकार अवैध बांग्लादेशियों एवं अवैध विदेशियों की नागरिकता एवं दस्तावेंजो की सही पहचान स्थापित की जा सकती है। राष्ट्रीय सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हु ए पासपोर्ट सत्यापन में किन बारिकियों का ध्यान रखना चाहिए। साथ ही इनके द्वारा अवैध बांग्लादेशियों द्वारा बनवा ए गये पासपोर्ट में पुलिस द्वारा क्या त्रुटियां की गई उस पर भी प्रकाश डाला गया एवं ऐसी त्रुटियों से बचने की सलाह भी दी गई।

