"प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना" ने गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बदलाव लाने का काम किया है। खंडवा जनपद पंचायत के ग्राम लाड़नपुर निवासी श्रीमती सुवर्णा ठाकरे भी इस योजना से लाभान्वित होकर धुएं भरे चूल्हे से गैस चूल्हे तक का सफर तय कर चुकी हैं। *लकड़ी के चूल्हे से शुरू होती थी हर दिन की परेशानी* श्रीमती सुवर्णा ठाकरे ने बताया कि वे दिनभर खेतों में मजदूरी करती थीं। शाम को घर लौटते समय रास्ते और जंगल से लकड़ियां चुनकर घर लाती थीं। इन्हीं लकड़ियों से चूल्हा जलाकर परिवार के लिए खाना बनाना पड़ता था। श्रीमती ठाकरे ने बताया कि गीली लकड़ियों के कारण चूल्हा जलाने में एक से दो घंटे तक लग जाते थे। इस दौरान उठने वाले धुएं से आंखों में जलन और खांसी की समस्या होती थी तथा पूरा घर धुएं से भर जाता था। बच्चों के लिए भोजन तैयार करना जरूरी था, इसलिए मजबूरी में उन्हें धुएं के बीच खाना बनाना पड़ता था।
उज्ज्वला योजना से मिली धुएं से मुक्ति
श्रीमती सुवर्णा बताया कि एक दिन खेत में काम करने के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि सरकार द्वारा "प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना" के तहत पात्र परिवारों को गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने ग्राम पंचायत जाकर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और आवेदन किया। कुछ ही दिनों बाद उन्हें उज्ज्वला गैस कनेक्शन प्राप्त हो गया। गैस कनेक्शन मिलने के बाद जीवन में बड़ा बदलाव आया है। जब से उज्ज्वला गैस टंकी आई है, घर में खुशहाली आई है। अब करीब आधे घंटे में खाना बन जाता है। न धुआं है और न पहले जैसी परेशानी। मजदूरी से घर आने के बाद जल्दी खाना बनाकर मैं अपने दूसरे काम भी कर पाती हूं।” श्रीमती सुवर्णा ठाकरे ने कहा कि "प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना" ने केवल खाना पकाने का साधन ही उपलब्ध नहीं कराया, बल्कि समय बचाने के साथ धुएं और उससे होने वाली परेशानियों से भी राहत दिलाई है। योजना का लाभ मिलने पर श्रीमती सुवर्णा ठाकरे ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उज्ज्वला गैस कनेक्शन उनके परिवार के लिए सुविधा और खुशहाली का माध्यम बनी है।



